अमेरिका ने कहा है कि वो भारत और पाकिस्तान के बीच ‘सीधी बातचीत’ चाहता है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने गुरुवार को कहा कि हम चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का स्कोप, पेस और कैरेक्टर उनकी ही शर्तों पर हो, हमारे हिसाब से नहीं। विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है। एक अन्य सवाल के जवाब में मैथ्यू मिलर ने कहा कि क्षेत्रीय खतरे से निपटने के लिए अमेरिका और पाकिस्तान दोनों का एक साझा लक्ष्य है। मैथ्यू मिलर ने कहा, ”हम सिक्योरिटी के मुद्दे पर एक हाई लेवल काउंटरटेररिज्म डायलॉग के जरिए पाकिस्तान के साथ जुड़े हुए हैं। हम आंतकवाद के खिलाफ मुहिम में पाकिस्तानी नेताओं के साथ नियमित रूप से बातचीत करते आ रहे हैं। इसके जरिए हम क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा करना जारी रखेंगे। संबंध बेहतर करने के पक्ष में कई पाकिस्तानी नेता
हाल के कुछ महीनों में ऐसे संकेत मिले हैं जिसमें पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार संबंध बहाल करने की इच्छा जताई है। पाकिस्तान ने अगस्त 2019 में जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद भारत के साथ व्यापार को एकतरफा तरीके से रोक दिया था। अप्रैल में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने उम्मीद जताई थी कि भारत में लोकसभा चुनाव होने के बाद दोनों देशों के रिश्ते सुधर सकते हैं। इससे पहले 23 मार्च को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा था कि पाकिस्तान का व्यापारिक समुदाय भारत के साथ व्यापार बहाल करना चाहता है। सरकार मामले से जुड़े लोगों से सलाह लेकर सभी प्रस्तावों की समीक्षा के बाद निर्णय लेगी। जहरा बलोच ने बातचीत से किया था इनकार
हालांकि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने भारत के साथ व्यापार शुरू होने की संभावनाओं से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि 2019 में भारत ने जम्मू-कश्मीर में गैरकानूनी तरह से आर्टिकल 370 हटा दिया था। तब से भारत-पाक के बीच कोई व्यापारिक रिश्ते नहीं है और पाकिस्तान आज भी अपने इस रुख पर कायम है। पाकिस्तान से अब भी समुद्री रास्तों से व्यापार हो रहा
फरवरी 2024 में भारत सरकार ने कहा था कि पाकिस्तान के साथ थोड़ा व्यापार अब भी हो रहा है। ये समुद्री रास्तों से हो रही है। पड़ोसी देश ने सिर्फ जमीनी सीमा के जरिए होने वाले इंपोर्ट-एक्सपोर्ट को एकतरफा तरीके से रोका था। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में कहा था- पहले अटारी-वाघा बॉर्डर और कराची बंदरगाह के जरिये व्यापार होता था। अब जमीनी रास्ते से कोई व्यापार नहीं हो रहा है। लेकिन कुछ व्यापार समुद्र और हवाई मार्ग से हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान अन्य एशियाई देशों के जरिए भारत का सामान खरीद रहा है। आर्टिकल 370 हटने के बाद और खराब हुए भारत-पाक संबंध
भारत की केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाया था। इस आर्टिकल के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया गया था। इसे खत्म करने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध बेहद खराब हो गए थे। उस वक्त पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान थे। उन्होंने कहा था कि जब तक जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल नहीं किया जाएगा, तब तक भारत से कोई बातचीत नहीं होगी। इधर, भारत ने भी कहा था कि जब तक आतंकियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक बातचीत का सवाल ही नहीं। तब से 4 चार साल बाद तक 5 अगस्त के दिन पाकिस्तान देशभर में भारत के खिलाफ धरने-प्रदर्शन कराता है।