इजराइल में PM बेंजामिन नेतन्याहू ने वॉर कैबिनट भंग कर दी है। ये कैबिनेट 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद बनाई गई थी। इसमें 6 मेंबर थे। ये कैबिनेट जंग के दौरान इजराइल की सुरक्षा से जुड़े अहम फैसले लेने के लिए जिम्मेदार थी। नेतन्याहू ने कैबिनेट मीटिंग मेंं इसकी जानकारी दी। दरअसल, नेतन्याहू के नेतृत्व में बनी वॉर कैबिनेट में काफी दिनों से मतभेद चल रहे थे । इसके चलते कैबिनेट के मेंबर बेनी गांट्ज ने इस्तीफा भी दे दिया था। उन्होंने इसकी वजह गाजा युद्ध में होस्टेज डील को लेकर PM नेतन्याहू के गलत रवैये को बताया था। गैंट्ज ने आरोप लगाया था कि नेतन्याहू की वजह से हमास का खात्मा नहीं रो पा रहा है। इसलिए वो वॉर कैबिनेट छोड़ रहे हैं। नेतन्याहू की गठबंधन की सरकार में शामिल कट्टर पंथी पार्टियों के नेता नई वॉर कैबिनेट की मांग कर रहे हैं। इसमें बेन ग्विर को शामिल करने को कहा जा रह है। ग्विर फिलहाल इजराइल के इंटीरियर सिक्योरिटी मिनिस्टर हैं। उन पर फिलिस्तीन विरोधी होने के आरोप लगते हैं। वॉर कैबिनेट में PM बेंजामिन नेतन्याहू, स्ट्रैटेजिक अफेयर्स मिनिस्टर रॉन डर्मर, विपक्षी मंत्री बेनी गांट्ज, रक्षा मंत्री योआव गैलेंट, सांसद गादी आइजेनकॉट और इजराइल की चौथी सबसे बड़ी पार्टी शास के लीडर अरयेह देरी थे। जानिए कौन हैं बेन ग्विर जिन्हें वॉर कैबिनेट में लाने की मांग हो रही… बेन-ग्विर पहली डेट पर मुस्लिमों की हत्या करने वाले की कब्र पर गए
बेन-ग्विर नेतन्याहू ने सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री हैं। बेन-ग्विर इजराइल के सबसे विवादित नेताओं में एक हैं। वे इजराइल की धुर दक्षिणपंथी पार्टी रिलिजियस जिओनिस्ट से ताल्लुक रखते हैं। बेन-ग्विर कट्टरपंथी यहूदी नेता माएर कहाने की काहानिस्ट विचारधारा को मानते हैं। बेन-ग्विर मीर कहाने को धर्मात्मा मानते हैं। उनकी काहानिस्ट विचारधारा का मानना है कि इजराइल में गैर यहूदियों को मतदान तक का अधिकार नहीं होना चाहिए। कहाने संगठन अरब लोगों और मुसलमानों को यहूदी समुदाय और इजराइल का दुश्मन मानता है। न्यूयॉर्कर मैग्जीन के मुताबिक मीर कहाने कहते थे, ‘अरब कुत्ते हैं, या तो वे चुपचाप बैठें या निकल जाएं।’ वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक जब बेन-ग्विर जब सिर्फ 15 साल के थे तो उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री यित्जाक राबिन की गाड़ी के आगे लगा एक सिंबल चुरा लिया था। इसके बाद बेन-ग्विर ने मीडिया के कैमरे में कहा था जैसे हम राबिन की गाड़ी तक पहुंचे हैं वैसे ही उस तक पहुंचेंगे। इसे कुछ हफ्तों बाद ही पूर्व राष्ट्रपति यित्जाक राबिन की एक कट्टरपंथी ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावर यित्जाक के फिलिस्तीनियों के साथ पीस डील करने से नाराज था। हालांकि, बेन-ग्विर इस हत्या से नहीं जुड़े थे, पर उन्होंने हत्यारे की रिहाई के लिए चलाए गए कैंपेन में हिस्सा लिया था। वो कहाने की पार्टी का हिस्सा थे। हालांकि, 1988 में पार्टी को चुनाव लड़ने से बैन कर दिया गया। 1994 में कहाने के एक समर्थक बारूक गोल्डस्टीन ने 29 मुस्लिमों की हत्या कर दी थी। इसके बाद अमेरिका, इजराइल और यूरोपियन यूनियन ने कहाने पर बैन लगा दिया था। बेन-ग्विर, बारूक के बड़े फैन हैं और इसकी तस्वीर घर में टांग कर रखते हैं। वो अपनी पत्नी के साथ पहली डेट पर गोल्डस्टीन की कब्र पर गए थे।