इटली के लैटिना इलाके में खेतों में काम करने वाले भारत के 30 साल के कर्मचारी सतनाम सिंह की बुधवार को मौत हो गई है। खेत में घास काटते वक्त मशीन से सतनाम का हाथ कट गया। इसके बाद उसकी मदद करने की बजाय उसके मालिक ने उसे घर के पास एक सड़क किनारे अकेला छोड़ दिया। इसके बाद सतनाम की पत्नी और उसके दोस्तों ने पुलिस को सूचना दी। फिर भारतीय कर्मचारी को एयर एंबुलेंस के जरिए इलाज के लिए राजधानी रोम के अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, यहां उसकी मौत हो गई। इटली के ट्रेड यूनियन ने कहा है कि हादसे के बाद सतनाम को कूड़े की तरह फेंक दिया गया। यह एक डरावनी फिल्म जैसा था। सरकार बोली- घटना क्रूरता का उदाहरण, दोषियों को सजा देंगे
इटली की लेबर मंत्री मारीना कैल्डरोन ने घटना की निंदा की है। संसद में इससे जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह घटना क्रूरता का उदाहरण है। भारतीय कामगार को गंभीर हालत में अकेला छोड़ दिया गया था। अधिकारी इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाएगी। इटली में मौजूद भारतीय दूतावास ने घटना पर दुख जताया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए दूतावास ने कहा कि उन्हें मामले की सूचना मिली है। एम्बेसी क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ संपर्क में है। हम सतनाम के परिजनों से कॉन्टैक्ट कर हरसंभव मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। सतनाम के पास इटली में काम करने की इजाजत नहीं थी
सतनाम सिंह इटली के लैटिना इलाके में काम करता था। यह एक ग्रामीण क्षेत्र है, जहां हजारों भारतीय काम की तलाश में पहुंचते हैं। सतनाम के पास खेत में काम करने के लिए कानूनी दस्तावेज नहीं थे। इटली की सेंटर-लेफ्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ने सतनाम के साथ किए गए दुर्व्यवहार की निंदा की है। उन्होंने इसे मानवता की हार बताया है। जनवरी 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, इटली में 1 लाख 67 हजार से ज्यादा भारतीय रहते हैं। 2023 में यहां 8 हजार भारतीय कामगार थे। वहीं 2025 तक यह संख्या 12 हजार के पार पहुंच जाएगी। पिछले साल दिसंबर में भारत ने इटली के माइग्रेशन समझौते को पास किया था। इसके तहत भारत हर साल 20 हजार श्रमिकों को इटली भेजेगा।