90 के दशक की एक्ट्रेस सीमा कपूर ने अपनी निजी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव का सामना किया है। उन्हें चाइल्ड एब्यूज, अकेलापन जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ा था। ‘बिदाई’, ‘मधुबाला’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘एक हजारों में मेरी बहना है’, ‘हसरतें’ जैसे कई पॉपुलर टीवी शो में सीमा नजर आ चुकी हैं। एक समय उन्होंने शेखर सुमन के साथ 8 से ज्यादा फिल्में भी साइन की थी। वह फिल्में कभी बनी ही नहीं। दैनिकभास्कर से बातचीत के दौरान, एक्ट्रेस ने अपनी दर्दनाक कहानी बताई… बचपन में मेरा शोषण हुआ बचपन से ही मैं बदकिस्मत रही हूं। कुछ चुनिंदा बच्चों को जब देखती थी कि कैसे उनके मां-बाप हिम्मत बनकर उनके लिए खड़े होते थे, उस वक्त मुझे बहुत अकेलापन महसूस होता था। मेरे परिवार का माहौल बहुत खराब था। 6 साल की थी जब मेरे माता-पिता अलग हो गए थे। मैं मां के साथ रहती थी। वो बहुत स्ट्रिक्ट थी। वो मुझे बहुत मारती थीं। मैं चाइल्ड एब्यूज की शिकार थी। 12 साल की उम्र में मैं अपने पिता के साथ रहने चली गई थी। उनसे काफी सपोर्ट मिला। मैंने अपने पिता से बहुत कुछ सीखा भी है। सच्चाई यह भी है कि आज थोड़ी बहुत कामयाबी जो हासिल की, उसी के बदौलत कुछ चुनिंदा लोग मुझसे जुड़े हैं। इसी सोच के साथ जीती हूं- ‘अब जब इस दुनिया में आ ही गई हूं, तो जीना नहीं छोड़ सकती। जब तक जिऊंगी, हार नहीं मानूंगी।’ जब भी दिल टूटता, घर आकर खूब रोती थी मेरी पर्सनल लाइफ कभी अच्छी नहीं रही है। बुरे वक्त से निकलने के लिए, मैं दिन-रात काम किया करती थीं। एक दिन में 3 से ज्यादा शिफ्ट करती थी ताकि अपनी पर्सनल लाइफ की तरफ फोकस ही ना जाए। 6 साल की उम्र में एक्टिंग शुरू करने वाली बच्ची कब इतनी बड़ी हो गई, समझ ही नहीं आया। रिलेशनशिप में भी कई बार अकेलापन महसूस होता था। जब भी दिल टूटता, घर आकर खूब रोती थी। जब भी प्यार की तलाश में निकलती, अकेलापन ही हासिल होता था। मेरी पर्सनालिटी अब ऐसी हो गई है कि मैं चाहकर भी सबसे बात नहीं कर पाती हूं। ना चाहते हुए भी मैं बहुत रिजर्व हो गई हूं। बचपन में मां ने पीड़ा दी, टीनएज में धोखा मिला 15 साल की उम्र में मुझे धोखा मिला था। जिससे प्यार किया, वह झूठा निकला। अगर वो किस्सा नहीं होता तो शायद मेरी लाइफ आज ऐसी नहीं होती। मैं बचपन से ही रिग्रेसिव नेचर की रही हूं। उस वक्त भी बहुत टॉर्चर का सामना करना पड़ा था। बार-बार सोचती थी कि मेरी लाइफ ऐसी क्यों है? बचपन में मां ने पीड़ा दी, टीनएज में धोखा मिला। मुझे सुसाइड के ख्याल आने लग गए थे। उम्र बढ़ती गई लेकिन परेशानी खत्म होने का नाम ही लेती थी। वैसे, भगवान को मैंने अपना थेरेपिस्ट मान लिया था। मुझे खुद पर भरोसा था। इसी विश्वास की बदौलत, आगे बढ़ पाई हूं। शेखर सुमन के साथ 8-10 फिल्में साइन की थी चंडीगढ़ में एक-दो रीजनल फिल्म करने के बाद, मैं मुंबई आई थी। करियर की शुरुआत में मैंने शेखर सुमन के साथ 8-10 फिल्में साइन की थी। उस वक्त शेखर हिट एक्टर थे। हालांकि, जब उनकी बैक-टू-बैक 2-3 फिल्में फ्लॉप हुई तो लोगों ने उनके साथ काम करना बंद कर दिया। ये मेरे लिए सेटबैक था। जो फिल्में मैंने साइन की थी वो अचानक से बंद हो गई। मैंने टीवी शो के लिए ऑडिशन देना शुरू कर दिया था। मेरा पहला शो ‘किस्मत’ ने मेरी किस्मत बदल दी। ओम पुरी की एक्स पत्नी (सीमा कपूर) से कंफ्यूज होते है इंडस्ट्री में लोग मुझे ओम पुरी की एक्स पत्नी (सीमा कपूर) से कंफ्यूज होते हैं। वह फिल्म डायरेक्टर हैं। लोग मुझे डायरेक्टर समझकर, मुझसे रोल मांगने के लिए कॉल करते है। मैं थक जाती हूं अपनी असली पहचान बताकर। सच्चाई यह है कि मैं कभी ओम पुरी से मिली तक नहीं हूं। लोगों ने मेरी उनसे शादी भी करवा दी और तलाक भी। मुझे हीरो/ हीरोइन के मां के रोल के लिए ही कॉल आते हैं प्रोफेशनल लाइफ में मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं। 35 साल के अपने करियर में मुझे कभी काम की कमी नहीं हुई है। बल्कि, अब काम को लेकर थोड़ी चूजी हो गई हूं। इसकी वजह है एक जैसा रोल ऑफर होना। मुझे हीरो/हीरोइन के मां के रोल के लिए ही कॉल आते हैं। मेरा उनसे सवाल होता है कि इसमें क्या अलग होगा? मुझे कुछ चुनौतीपूर्ण करने को मिलेगा? जिसका कोई जवाब नहीं होता है। अब मैं ऐसा किरदार निभाना चाहती हूं जिसमें अलग-अलग शेड्स हो। एक किरदार में मुझे अलग-अलग इमोशन एक्सप्लोर करने को मिले।