ईशा कोप्पिकर ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। ईशा ने कहा है कि 18 की उम्र में उन्हें कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि एक ए-लिस्टर एक्टर उन्हें अकेले मिलने के लिए बुलाया था। लोग यह भी कहते थे कि एक्टर्स से दोस्ती करने पर ही फिल्म में काम मिलेगा। इतना ही नहीं, एक्टर्स और उनके सेक्रेटरी गलत तरीके से छूते थे और एक्टर्स से दोस्ती करने के लिए दबाव भी डालते थे। 18 की उम्र में पहली बार कास्टिंग काउच फेस किया सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में ईशा ने फिल्म इंडस्ट्री की शुरुआती जर्नी और स्ट्रगल के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि बहुत सी एक्ट्रेसेस ने उनके समय में इंडस्ट्री छोड़ दी थी। बहुत कम ऐसी हैं, जो आज भी इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। इन चुनिंदा लोगों में से एक ईशा खुद हैं, जिन्होंने हार नहीं मानी और आज भी इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। उन्होंने आगे कहा- मैं 18 साल की थी, जब सेक्रेटरी और एक्टर ने मुझे कास्टिंग काउच के लिए अप्रोच किया था। उन्होंने मुझसे कहा था कि काम पाने के लिए मुझे एक्टर्स के साथ फ्रेंडली होना पड़ेगा। टॉप एक्टर ने अकेले मिलने के लिए बुलाया था 47 साल की ईशा ने बताया कि जब वो 23 साल की थीं, तो फिल्म इंडस्ट्री के एक टॉप एक्टर ने उन्हें अकेले मिलने के लिए बुलाया था। ईशा ने कहा कि पहले से उस एक्टर का नाम बहुत सारी एक्ट्रेसेस के साथ जोड़ा गया था। इसी का बहाना देकर एक्टर ने ईशा को अकेले मिलने के लिए कहा था। लेकिन ईशा ने मिलने से साफ मना कर दिया था। एक्टर और उनके सेक्रेटरी गलत तरीके से छूते थे, हाथ भी मरोड़ देते थे ईशा ने उस वक्त को भी याद किया जब एक्टर और उनके सेक्रेटरी उन्हें गलत तरीके से छूते थे। इतना नहीं कि वो लोग एक्ट्रेस का हाथ मरोड़ देते थे और एक्टर्स से दोस्ती करने का दबाव बनाते थे। ईशा ने 1998 में आई तमिल फिल्म ‘काढ़ल कविताई’ से डेब्यू किया था। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल डेब्यू अवॉर्ड भी मिला था। ईशा ने 2000 में आई फिल्म ‘फिजा’ से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था। इस फिल्म में करिश्मा कपूर और ऋतिक रोशन लीड रोल में थे। वो अब तक कन्नड, तेलुगु, तमिल, मराठी और हिंदी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। 2002 में रिलीज हुई फिल्म ‘कंपनी’ में ईशा ने ‘खल्लास’ सॉन्ग किया था, जिसकी वजह से उन्हें काफी पॉपुलैरिटी हासिल हुई थी