सिंगर शान के बेटे माही अपने डैडी के नक्शेकदम पर चलते हुए सिंगिंग में ही अपना करियर बना रहे हैं। सिंगल एल्बम ‘सॉरी’ के बाद माही का दूसरा सिंगल एल्बम ‘जादूगरी’ सारेगामा पर रिलीज हुआ है। हाल ही दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान माही ने बताया कि लोग डैडी शान की गायिकी से उनकी तुलना करेंगे ही। बातचीत के दौरान माही ने बताया कि उन्हें बचपन से ही पता था कि सिंगिंग में ही करियर बनाना है। माही ने कहा- बचपन में डैडी के साथ स्टेज पर परफार्म करता रहता था। 10 मिनट के परफार्मेंस में जो खुशी मिलती थी, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते। मैंने तभी सोच लिया था कि सिंगर ही बनना है। ‘तन्हा दिल’ शान का आइकॉनिक एल्बम है। माही कहते हैं, ‘वैसे तो डैड के बहुत सारे गाने मेरे फेवरेट हैं,लेकिन ‘तन्हा दिल’ मेरे दिल के बहुत करीब है।’ यह पूछे जाने पर कि डैडी शान के साथ पहली बार स्टेज परफार्मेंस के दौरान कौन सा गीत गाए? माही ने कहा- किशोर कुमार का गीत ‘आ चल के तुझे मैं लेकर चलूं, दूर गगन की छाव में’ गाया था। उस समय मैं 9th में पढ़ रहा था। अपने डैडी शान के बारे में बात करते हुए माही ने कहा कि उन्हें कभी इस बात का एहसास ही नहीं हुआ कि उनके डैडी बहुत बड़े सिंगर हैं। उन्होंने कहा- डैडी घर पर हमारे लिए सिर्फ डैड ही रहें। स्टारडम को उन्होंने घर से बहुत दूर रखा। जब मैंने काम के सिलसिले में लोगों से मिलना शुरू किया, तब मुझे लोगों से पता चला कि डैडी कितने बड़े सिंगर हैं। सिंगल एल्बम ‘सॉरी’ के बाद माही का दूसरा सिंगल एल्बम ‘जादूगरी’ सारेगामा पर हाल में रिलीज हुआ है। माही कहते हैं, ‘यह दोनों एल्बम मेरे दिल के बहुत ही करीब है। अभी तो मेरी शुरुआत है। ‘जादूगरी’ को तो मेरे बड़े भाई सोहम ने प्रोड्यूस की है। मेरे लिए सबसे बड़ी बात यह है कि इस फिल्म को अरिजीत सिंह ने प्रमोट किया है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा अचीवमेंट है। माही की आवाज शान से काफी हद तक मिलती है। कहीं ना कहीं माही की तुलना उनके डैडी शान से होना स्वाभाविक है। माही ने कहा- मुझे पता कि लोग मेरी तुलना डैडी से करेंगे। इसलिए मैं रोज रियाज करता हूं ताकि मेरी एक अलग पहचान बन सके। मैं अपनी आवाज और गाने पर काम करता हूं। मेरा लक्ष्य है खुद को बेहतर बनाना है। रही बात तुलना की तो इसी बहाने लोग मेरे भी गीत सुन लेंगे। यह मेरे लिए एक तरह से अच्छा ही है। लेकिन मुझे अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जब आप ऐसे परिवार से आते हैं। जहां पहले से ही स्थापित सिंगर है, तो खुद को स्थापित करने में चैलेंज बढ़ जाता है। परिवार से सपोर्ट तो मिलता है,लेकिन खुद की पहचान अपने बलबूते पर बनानी होती है।