कंगना रनोट थप्पड़ कांड पर शबाना आजमी का एक बार फिर से रिएक्शन आया है। शबाना ने कहा कि जो चीज सही है, उसके खिलाफ कभी भी व्यक्तिगत विचारधारा आड़े नहीं आनी चाहिए। शबाना ने कहा कि वो इकलौती ऐसी शख्स थीं, जिन्होंने मराठी नाटक ‘मी नाथूराम गोडसे बोलतोय’ के बैन के खिलाफ आवाज उठाया था। शबाना ने कहा कि वो चाहती थीं कि इस नाटक को स्टेज पर दिखाया जाए। भले ही वो नाथूराम के विचारों से सहमत नहीं थीं। इसी कड़ी में वो कंगना के भी विचारों को नहीं मानतीं, लेकिन उनके साथ जो हुआ, वो कहीं से सही भी नहीं है। बता दें, कंगना रनोट को हाल ही में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर एक महिला कॉन्स्टेबल ने थप्पड़ मार दिया था। पता चला कि वो आरोपी महिला कॉन्स्टेबल कंगना के किसान आंदोलन में दिए स्टेटमेंट से नाराज थी। इस घटना के बाद शबाना ने कंगना के सपोर्ट में एक ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा कि जो लोग सुरक्षा करते हैं, वही हिंसा करने लगेंगे तो कोई भी सेफ नहीं रहेगा। कंगना के साथ हमेशा रही है तल्खी
शबाना आजमी और उनके पति जावेद अख्तर का कंगना को लेकर हमेशा विरोधी सुर रहता है। जावेद अख्तर और कंगना के बीच तो मानहानि को लेकर केस भी चल रहा है। हालांकि जब कंगना के साथ थप्पड़ वाली घटना हुई तो शबाना आजमी ने उनका सपोर्ट किया। पहले पढ़िए, शबाना ने कंगना के सपोर्ट में क्या कहा था..
‘कंगना को लेकर मेरे अंदर कोई प्रेम नहीं है, लेकिन थप्पड़ कांड को मैं किसी तरीके से एन्जॉय नहीं कर सकती। ये गलत हुआ है। अगर सिक्योरिटी वाले ऐसे ही कानून अपने हाथ में लेने लगे तो हम में से कोई भी सेफ नहीं है।’ अब टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में शबाना आजमी ने अपने स्टेटमेंट को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि जब वो राज्यसभा की मेंबर थीं, तब ‘मी नाथूराम गोडसे बोलतोय’ जैसे नाटक का भी समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि नाटक को चलने देना चाहिए, इस पर बैन लगाना, किसी के अधिकारों का हनन है। शबाना यहां कहना चाहती हैं कि वो नाथूराम गोडसे के विचारों को नहीं मानतीं, लेकिन जब बात उनकी लाइफ पर बने नाटक की आई तो वो इसके प्रदर्शन के समर्थन में थीं। ऐसा इसलिए क्योंकि वो आर्ट का नुकसान नहीं चाहतीं। अब कंगना के साथ क्या हुआ था, ये भी पढ़िए
6 जून को कंगना चंडीगढ़ एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए निकल रही थीं। तभी सिक्योरिटी चेक के दौरान एक महिला कॉन्स्टेबल ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। महिला कॉन्स्टेबल ने बताया कि वो कंगना के किसान आंदोलन के दौरान दिए स्टेटमेंट से नाराज थी। महिला कॉन्स्टेबल का उसी वक्त एक वीडियो सामने आया जिसमें वो कह रही है, ‘कंगना ने कहा था कि 100-100 रुपए की खातिर लोग किसान आंदोलन में बैठ रहे हैं। जब उसने यह बयान दिया तो मेरी मां भी वहां बैठी थी।’ थप्पड़ कांड से जुड़ी ये स्टोरीज पढ़ें..
कंगना को महिला कॉन्स्टेबल ने थप्पड़ मारा:बोली- इसने कहा था किसान आंदोलन में महिलाएं ₹100 लेकर बैठती हैं, वहां मेरी मां भी थी महिला कॉन्स्टेबल को सपोर्ट करने वालों पर भड़कीं कंगना:बोलीं- इनकी मानसिकता अपराधियों वाली, ऐसे लोग रेप और मर्डर का भी समर्थन करते होंगे