अमेरिका में पिछले हफ्ते हुई प्रेसिडेंशियल डिबेट के बाद बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता यह मांग कर रहे हैं कि वे राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी छोड़ दें। टेक्सास से सांसद लॉयड डॉगेट डेमोक्रेटिक पार्टी के पहले नेता हैं, जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर इसकी मांग की है। दूसरी तरफ, अमेरिकी पत्रकार और ट्रम्प समर्थक टकर कार्लसन ने दावा किया कि राष्ट्रपति जो बाइडेन को डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) है। डेमोक्रेट्स जल्द ही बाइडेन की जगह कमला हैरिस को राष्ट्रपति पद का कैंडिडेट बना सकते हैं। दरअसल, अमेरिका में 28 जून को हुई प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान बाइडेन कई बार अटकते और सुस्त नजर आए थे। विश्लेषकों के मुताबिक, वे ट्रम्प के खिलाफ डिबेट में हार गए। इसके बाद से ही पार्टी में उनकी उम्र और काबिलियत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक, पार्टी के हर 3 में से 1 नेता का मानना है कि बाइडेन को इस हफ्ते राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से अपना नाम वापस ले लेना चाहिए। बाइडेन बोले- लगातार यात्राओं से थक गया था, इसलिए डिबेट हारा
अमेरिकी मीडिया CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, डिबेट के बाद से डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं को लग रहा है कि बाइडेन उन्हें चुनाव में जीत नहीं दिला सकते। पार्टी में उनके खिलाफ विरोध के सुर तेज होने लगे हैं। इसे देखते हुए बाइडेन बुधवार को पार्टी के सांसदों और गवर्नरों से मुलाकात भी करेंगे। बाइडेन ने डिबेट में अच्छा प्रदर्शन न करने पर मंगलवार को सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि वे बहस से कुछ दिनों पहले तक कई देशों के दौरे पर गए थे। लगातार यात्रा की वजह से डिबेट आने तक वे थक चुके थे। उन्होंने कहा कि स्टेज पर ट्रम्प के साथ डिबेट करते वक्त उन्हें नींद आ रही थी। उन्होंने अपने स्टाफ की बात नहीं मानी और इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। बाइडेन ने कहा कि वे डिबेट में अच्छा प्रदर्शन न करने के लिए सफाई नहीं देना चाहते हैं। वह सिर्फ इसके कारण बता रहे हैं। डेमोक्रेट्स बोले- बाइडेन जिद्दी, उन्हें देश की भलाई के लिए सही फैसला लेना होगा
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं का कहना है कि बाइडेन बेहद जिद्दी हैं। पार्टी के लीडर्स ने फिलहाल उन्हें अकेले छोड़ दिया है ताकि वे अपनी गलती खुद समझ सकें। अगर यह सिर्फ डिबेट की बात होती, तो हम स्थिति से बाहर निकल सकते थे। लेकिन कई दूसरे ऐसी बातें भी रही हैं, जो राष्ट्रपति पद के लिए उनकी उम्मीदवारी पर सवाल उठाती हैं। इलिनॉय राज्य से सांसद माइक किग्ले ने कहा कि बाइडेन का फैसला न सिर्फ इस बात का फैसला करेगा कि सीनेट में किसे जगह मिलेगी, बल्कि वह व्हाइट हाउस और अगले 4 साल के लिए देश का भविष्य भी तय करेगा। दावा- बाइडेन का मानसिक संतुलन ठीक नहीं
वहीं अमेरिकी पत्रकार टकर कार्लसन ने आरोप लगाया है कि मीडिया लगातार बाइडेन की डिमेंशिया बीमारी को छिपाता आया है। कार्लसन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि ‘मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि जो बाइडेन का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ये बात जानते हैं। बाइडेन को हटाना होगा, और वे ऐसा जरूर करेंगे। अब सवाल है कि वे ये कब करेंगे। अगर वे समझदार हैं, तो वे जल्द ही पीछे हटेंगे। अगर कमला हैरिस उम्मीदवार बनती हैं, तो वह देश की पहली महिला राष्ट्रपति बन सकती हैं। ‘ओबामा लोगों से कह रहे कि बाइडेन जीत नहीं सकते’
टकर कार्लसन ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा लोगों से कह रहे कि बाइडेन जीत नहीं सकते हैं। लेकिन ओबामा किसका समर्थन कर रहें ये नहीं बता रहे हैं। ओबामा और बाइडेन के बीच रिश्ते कभी ठीक नहीं रहे हैं। एक समय पर दोनों नेता एक दूसरे के आलोचक थे। कार्लसन ने दावा किया कि अब ट्रम्प केवल रिपब्लिकन उम्मीदवार नहीं, बल्कि संभावित राष्ट्रपति बनकर भी उभर रहे हैं। उन्होंने ट्रम्प के खिलाफ पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल को पैसे देकर चुप कराने मामले पर कहा बाइडेन ट्रम्प को जेल में डालना चाहते हैं। ये बहुत गंभीर अपराध के लिए होना चाहिए, जिसके बारे में हर कोई सहमत हो कि उन्होंने यह अपराध किया है। अगर ऐसा नहीं है तो आप पूरे सिस्टम को हमेशा के खत्म कर रहे हैं।

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