पिछले दिनों कार्तिक आर्यन फिल्म चंदू चैंपियन की वजह से चर्चा में थे। कुछ समय पहले खबर आई थी कि कार्तिक, करण जौहर की फिल्म दोस्ताना 2 से अलग हो गए हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया था कि किसी अनबन की वजह से कार्तिक और करण ने अपनी राहें अलग कर लीं। अब इस मुद्दे पर कार्तिक ने दैनिक भास्कर से बातचीत की है। कार्तिक का कहना है कि वे इंडस्ट्री में काम करने आए हैं, दोस्ती करने नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रोफेशनल लाइफ में मिस कम्युनिकेशन होता रहता है। वहीं, डायरेक्टर कबीर खान ने भी फिल्म चंदू चैंपियन की सफलता के बाद हमारे साथ बातचीत की। उन्होंने अनुराग कश्यप के बयान पर अपनी राय दी, जिसमें अनुराग ने कहा था कि आज कल फिल्में नहीं बल्कि प्रोजेक्ट्स बनते हैं। सवाल- कार्तिक और कबीर, क्या आप दोनों को कभी सेल्फ डाउट हुआ है। अगर हुआ है, तो बाद में खुद को इससे कैसे बाहर निकाला है?
जवाब- कबीर कहते हैं- हर किसी के लाइफ में ऐसा पल आता है, जब इंसान सेल्फ डाउट करने लगता है। पर्सनल और प्रोफेशनल, दोनों लाइफ में ऐसा फील करना नॉर्मल बात है। आप खुद के प्रोसेस पर सवाल करने लगते हैं कि आप सही कर रहे हैं या नहीं। लेकिन मेरा मानना है कि इंसान को मेहनत किए जाना चाहिए और खुद की विचारधारा से भ्रमित नहीं होना चाहिए। नतीजतन, आपको सफलता जरूर मिलेगी। वहीं, कार्तिक ने कहा- हां, सेल्फ डाउट फील करना बहुत ही नॉर्मल है। मेरी लाइफ में ऐसी सिचुएशन आई थी, जब लगता था कि इससे बाहर नहीं निकल पाऊंगा। लेकिन तब उम्मीद की एक छोटी सी किरण रहती है, जो आपको आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करती है। जब ऐसी सिचुएशन आती है तो सोचता हूं जब इस इंडस्ट्री से जुड़ा था, तब भी मेरे पास कुछ नहीं था। आज भी मेरे पास खोने को कुछ नहीं है। ज्यादा से ज्यादा उस पोजिशन पर पहुंच जाऊंगा, जहां से मैंने शुरुआत की थी। इसी सोच के बाद मैं हर बार खुद को आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करता हूं। सवाल- कार्तिक, जब अनाउंसमेंट हुई कि आप करण जौहर की फिल्म दोस्ताना 2 का हिस्सा नहीं हैं, तो फैंस को लगा कि आपको साइडलाइन किया गया है। इस पर आप का क्या कहना है?
जवाब- इस प्रोजेक्ट से अलग होने पर मुझे बहुत बुरा लगा था। हालांकि ये सब होना बहुत लाजमी है। आपको हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि आप से ज्यादा आपका काम लोगों को दिखे। वैसे भी मैं यहां काम करने आया हूं, दोस्ती करने नहीं आया हूं। जाहिर है कि काम में कभी ना कभी मिस कम्यूनिकेशन होता है और आपको इससे डील करना पड़ता है। वैसे भी मैं इससे मूव ऑन कर चुका हूं और नए-नए प्रोजेक्ट्स में काम कर रहा हूं। मैं अभी बहुत अच्छी कंडीशन में हूं। मुझे अभी किसी से कोई शिकायत नहीं है। मैं चाहता हूं कि आगे चलकर मेरा किसी के साथ भी मिस कम्युनिकेशन ना हो। फिलहाल मेरा फोकस सिर्फ फिल्म चंदू चैंपियन पर है। इस फिल्म के साथ जो अच्छी मेमोरी हैं, मैं उनके बारे में सोच रहा हूं। मैं हमेशा पॉजिटिव बातें याद रखने की कोशिश करता हूं। सवाल- कबीर, अनुराग कश्यप ने हाल ही में कहा कि लोग फिल्में नहीं प्रोेजेक्ट्स बना रहे हैं। एक डायरेक्टर के तौर पर आप का क्या कहना है?
जवाब- मैं हमेशा मार्केट में चल रहे ट्रेंड से अलग सोचता हूं। मैं फिल्म बनाने के लिए ऐसी कहानी ढूंढता हूं, जिससे मैं इंस्पायर हो सकूं। मैं उस कहानी को लेकर इतना जुनूनी हो जाऊं कि मुझे लगे यही कहानी लोगों को सुनानी है। फिर मैं ये नहीं सोचता हूं कि अगर इस कहानी पर फिल्म बनी तो किस जॉनर की होगी, ट्रेंड में फिट हो रही है या नहीं हो रही है। किस्मत अच्छी रही है कि ऐसी कहानी पर पैसे लगाने के लिए प्रोड्यूसर्स भी मिल जाते हैं। काम करने के लिए एक्टर्स भी मिल जाते हैं। मेरा मानना भी है कि इसी तरह से फिल्में बननी चाहिए। मैं अनुराग कश्यप की बात से सहमत हूं कि आज के दौर में प्रोजेक्ट्स ज्यादा बनने लगे हैं। बिजनेस करना है तो बनने भी चाहिए। चंदू चैंपियन के दौरान हमने भी उन एरिया पर फोकस किया था, जहां से रिकवरी हो पाए। स्क्रीन पर दिखाने के लिए हम कार्तिक और साजिद नाडियाडवाला को साथ लेकर आए। आज हमें बहुत खुशी हो रही है कि फिल्म को लोग पसंद कर रहे हैं और हम फाइनेंशियली भी सिक्योर हैं। वैसे भी हम ट्रेडर नहीं हैं कि ट्रेंड के हिसाब से सामान बेचे। हम फिल्म मेकर्स हैं, हमें वही बनाना चाहिए, जिसमें हम परफेक्ट हों। मेरा मानना है कि जरूरत पड़ने पर हमें बजट के हिसाब से कंप्रोमाइज कर लेना चाहिए, लेकिन विजन के साथ कंप्रोमाइज कभी नहीं करना चाहिए। हालांकि मेरी किस्मत अच्छी रही कि फिल्म चंदू चैंपियन के लिए बजट के साथ भी कंप्रोमाइज नहीं करना पड़ा। साजिद बहुत अच्छे कोलैबोरेटर हैं, जिन्होंने हमें पूरा सपोर्ट किया। सवाल- कार्तिक, क्या बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस आपको बहुत ज्यादा इफेक्ट करती है?
जवाब- मैं इन चीजों पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देता हूं। अगर ऐसा करूंगा तो अलग-अलग तरह के किरदार करके खुद को एक्सप्लोर नहीं कर पाऊंगा। जब किसी नए प्रोजेक्ट को साइन करता हूं, तब ये नहीं सोचता कि फिल्म कितना कलेक्शन करेगी। मैं बस ये सोचता हूं कि फिल्म से कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और उस कैरेक्टर से करियर में कितना ग्रोथ होगा, जो मैं करने वाला हूं। यही वजह है कि लोगों ने मुझे अलग-अलग तरह के किरदार में देखा है।