पंचायत के तीसरे सीजन में दामाद जी का किरदार पहले सीजन की तुलना में अधिक मैच्योर दिखाई दिया है। जब फुलेरा गांव मुसीबतों से घिरा है, तब दामाद जी सपोर्ट करने के लिए आगे बढ़े हैं। वहीं, पहले सीजन में उनके किरदार में अक्खड़पन था। सीरीज में दामाद जी के रोल में आसिफ खान को देखा गया है। आसिफ ने दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में बताया कि वे शुरुआत से पंचायत सीरीज में काम नहीं करना चाहते थे। उन्होंने तो ऑडिशन भी बिना मन के दिया था। हालांकि इसके बाद भी उन्हें यह रोला मिला। वहीं, जब ये सीरीज रिलीज हुई, तब आसिफ के एक दोस्त ने उन्हें बताया कि उनका कैरेक्टर बहुत हिट हो रहा है। आसिफ का कहना है कि अगर वे इस रोल को नहीं करते, तो आज उन्हें इसकी पॉपुलैरिटी देख कर बहुत अफसोस होता। आसिफ खान के साथ सवाल-जवाब का दौर शुरू करते हैं.. सवाल- सीरीज पंचायत का ऑफर आपको कैसे मिला? जवाब- मैं मिर्जापुर और पाताल लोक की शूटिंग कर रहा था। एक दिन कास्टिंग डायरेक्टर नवनीत श्रीवास्तव का कॉल आया, जो मेरे बहुत अच्छे दोस्त भी हैं। उन्होंने कहा- एक सीरीज है, पंचायत। उसमें एक अक्खड़ दामाद का किरदार है। तुम इसके लिए परफेक्ट हो, आकर इसका ऑडिशन दे दो। हालांकि स्क्रीन स्पेस बहुत छोटा है। ये सुन मैंने मना कर दिया क्योंकि पहले से दो प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहा था। लेकिन उनकी जिद की वजह से ऑडिशन देने चला गया। तेज गर्मी में मुझे कोट और पुराना सा साफा पहना दिया गया। इस कारण दिमाग और खराब हुआ। उसी खराब मूड में ऑडिशन दिया। शायद इसी वजह से एक्टिंग काफी नेचुरल लगी है और सभी को मेरा काम पसंद आया। ना चाहते हुए भी मैं सिलेक्ट हो गया। सवाल- शूटिंग करते वक्त आपको इस बात का इल्म था कि यह सीरीज इतनी हिट हो जाएगी? जवाब- सच कहूं तो बिल्कुल नहीं। मैंने भोपाल आकर शूटिंग पूरी की और वापस मुंबई चला गया। कुछ दिनों बाद तो मुझे याद भी नहीं रहा कि मैंने पंचायत नाम की किसी सीरीज में काम किया है। मुझे तो यह भी नहीं पता था कि यह अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम की जाएगी। एक लंबे वक्त के बाद इस सीरीज को रिलीज किया गया। इसकी रिलीज के आस-पास ही मेरी भतीजी का जन्म हुआ था। हॉस्पिटल के काम में इतना मसरुफ था कि मुझे पता भी नहीं चला कि कब ये सीरीज स्ट्रीम कर दी गई। एक दिन एक दोस्त का कॉल और उसने बताया कि मेरा यह किरदार बहुत फेमस हो रहा है। मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ। लोगों का ये प्यार देख आज बहुत खुशी मिलती है। अगर इस सीरीज में काम नहीं करता तो आज बहुत पछतावा होता। सवाल- आपने कुछ समय तक कई फिल्मों की कास्टिंग भी की है। उसके बारे में भी बताइए? जवाब- मैं पहले 17 साल की उम्र में मुंबई आया था। यहां होटल में वेटर का काम करता था। सैफ अली खान और करीना कपूर की शादी में भी काम किया हूं। जब लंबे वक्त तक एक्टिंग के फील्ड में कुछ काम नहीं मिला तो एक्टिंग सीखने के लिए राजस्थान जाकर थिएटर करने लगा। 5-6 साल बाद वापस मुंबई आया। तब भी कहीं काम नहीं मिला। 2-3 महीने बीत गए, पैसे भी खत्म हो गए। तब सोचा कि थोड़े टाइम के लिए कुछ दूसरा काम कर लूं। मैंने सोचा कि कास्टिंग कर लेता हूं। इसी के लिए मैंने एक्टर अभिषेक बनर्जी से मुलाकात की। फिर उन्हीं की बदौलत रेड, लुका छुप्पी और अर्जुन पटियाला जैसी फिल्मों की कास्टिंग करने का मौका मिला। सवाल- आपको फिल्म इंडियाज मोस्ट वांटेड में पहली बार बड़े रोल में देखा गया था। इस फिल्म के बारे में बताइए? जवाब- हां, ये फिल्म मेरे दिल के बहुत करीब है। इसके लिए मैं आज भी डायरेक्टर राज कुमार गुप्ता सर का शुक्रगुजार हूं। जब फिल्म रिलीज होने वाली थी, तब सर ने मुझे फिल्म का पोस्टर दिखाया था। उस पोस्टर में मेरी तस्वीर भी थी। ये देख बहुत खुश हुआ था। इस फिल्म के प्रीमियर में अम्मी को लेकर गया था। वे भी बहुत खुश हुई थीं। सवाल- क्या आपने कुछ फिल्मों में जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है? जवाब- हां, मैंने गुजारे के लिए ये काम किया है। घर वापस जाने से पहले मैंने सलमान खान की फिल्म रेडी और ऋतिक रोशन की फिल्म अग्निपथ में काम किया था। फिर जब मुंबई आया तो फिल्म परी में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम किया। वहीं, अक्षय कुमार की फिल्म टॉयलेट:एक प्रेम कथा में मेरा एक लाइन का डायलॉग भी है।