रूस के राष्ट्रपति नॉर्थ कोरिया की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। ये नॉर्थ कोरिया की उनकी दूसरी यात्रा है। वे करीब 24 साल बाद मंगलवार को नॉर्थ कोरिया पहुंचेंगे। पुतिन की नॉर्थ कोरिया की संभावित यात्रा की चर्चा लंबे समय से हो रही थी। इस यात्रा की पुष्टि क्रेमलिन ने भी की है। क्रेमलिन ने इस यात्रा को ‘मैत्रीपूर्ण राजकीय यात्रा’ करार दिया है। अपने दौरे के दौरान पुतिन, नॉर्थ कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे। बुधवार को पुतिन नॉर्थ कोरिया से वियतनाम की यात्रा कर सकते हैं। किम जोंग उन खुद एयरपोर्ट पर मौजूद रहेंगे
न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग उन खुद राजधानी प्योंगयांग में सुनान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खुद पुतिन का स्वागत करेंगे। इसके साथ उनकी बहन किम यो जोंग और बेटी किम जू ऐ के मौजूद रहने का अनुमान लगाया गया है। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सप्ताह सूत्रों ने संकेत दिया था कि पुतिन की यात्रा जल्द ही होने वाली है। सैटेलाइट तस्वीरों में भी नॉर्थ कोरिया में पुतिन की संभावित यात्रा को लेकर चल रही तैयारियों का खुलासा हुआ था। पुतिन संग हो सकती है हथियार डील
पुतिन की इस यात्रा को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि किम जोंग रूस को जरूरी हथियार के बदले आर्थिक सहायता और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से जुड़ी डील कर सकते हैं। दरअसल यूक्रेन युद्ध में जमे रहने के लिए रूस को और हथियारों की जरूरत है। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से नॉर्थ कोरिया और रूस के बीच सैन्य और आर्थिक सहयोग तेजी से बढा है। अमेरिका और साउथ कोरिया ने नॉर्थ कोरिया पर आरोप लगाया है कि वह रूस को गोला बारूद, मिसाइल और अन्य सैन्य उपकरण मुहैया करा रहा है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में साउथ कोरिया की डिफेंस मिनिस्ट्री ने दावा किया है कि रूस, नॉर्थ कोरिया को 50 लाख आर्टिलेरी शेल्स भेजा है। हालांकि प्योंगयांग और मॉस्को दोनों ने ही हथियारों के ट्रांसफर के आरोपों से साफ इनकार किया है। पुतिन मार्च 2000 में राष्ट्रपति बनने के कुछ ही महीनों बाद जुलाई 2000 में प्योंगयांग के दौरे पर गए थे। उन्होंने किम के पिता और नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग इल से मुलाकात की थी। रूस और नॉर्थ कोरिया की बढ़ी नजदीकियां
साल 2011 में नॉर्थ कोरिया की सत्ता संभालने वाले किम जोंग उन ने अपने पिता की तरह रूस और चीन से बेहतर संबंध बनाने की कोशिश की है। पुतिन से किम जोंग उन की नजदीकी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रूस ने 2012 में नॉर्थ कोरिया के सभी कर्जे माफ कर दिए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस अलग-थलग पड़ गया है और अमेरिका विरोधी देशों के साथ संबंधों को और बेहतर करने की कोशिश कर रहा है। पुतिन की इस यात्रा से पहले किम जोंग उन ने रूस की यात्रा की थी। पुतिन की यात्रा से देश में और मजबूत होंगे किम जोंग उन
सियोल में इवा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लीफ-एरिक इस्ले ने न्यूज एजेंसी AFP से कहा कि पुतिन की ये यात्रा किम जोंग उन की एक ‘जीत’ के तौर पर देखी जाएगी। पुतिन की इस यात्रा से उत्तर कोरिया की अंतरराष्ट्रीय छवि और मजबूत होगी। इसके साथ ही किम जोंग उन की उनके घर में स्वीकृति और बढ़ेगी।