पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर बकरीद के मौके पर सोमवार को LOC पहुंचे। यहां उन्होंने एक बार फिर से कश्मीर का राग अलापा है। पाकिस्तानी मीडिया जियो न्यूज के मुताबिक मुनीर ने कहा कि वे कश्मीरियों पर हो रहे अत्याचार कि निंदा करते हैं। पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों को संबोधित करते हुए आर्मी चीफ ने कहा, “भारत हाल ही में हुए चुनावों के बाद से कश्मीर में अपने जुल्मों को छिपाने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ झूठ फैला रहा है। यह भारत में अब एक पॉलिटिकल टूल बन गया है।” PAK आर्मी चीफ बोले- मुल्क को खतरा हुआ तो जवाब देने को तैयार
मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा से कश्मीर में शांति की वकालत करता आया है। हम संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रस्तावों के तहत शांति से इस मसले का हल निकालना चाहते हैं। लेकिन अगर पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता को कोई भी खतरा हुआ, तो हम इसका जवाब देने के लिए भी तैयार हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी फिलिस्तीन और कश्मीर में हो रहे अत्याचारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हम अपने फिलिस्तीन और कश्मीरी भाइयों- बहनों के लिए दुआ करते हैं, जो बहादुरी से विदेशी कब्जे से लड़ रहे हैं। PM शरीफ चीन जाकर उठा चुका हैं कश्मीर का मुद्दा
इससे पहले 7 जून को बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कश्मीर का मुद्दा उठाया था। बैठक के बाद जारी हुए जॉइंट स्टेटमेंट में चीन ने कहा था कि वह जम्मू-कश्मीर में भारत की एकतरफा कार्रवाई का विरोध करता है। चीन ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर विवाद रहा है। इस मसले को शांति के साथ UN चार्टर और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों के तहत हल किया जाना चाहिए। इसके बाद भारत ने चीन और पाकिस्तान के जम्मू-कश्मीर पर दिए गए बयान को खारिज कर दिया था। विदेश मंत्रालय ने 13 जून को कहा था कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। ‘इकोनॉमिक कॉरिडोर का काम भारत के हिस्से वाली जगह में मंजूर नही’ भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी CPEC का कुछ काम पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में होना है। भारत इस क्षेत्र में होने वाले किसी भी काम का विरोध करता है। दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के चीन दौरे के दौरान जिनपिंग ने एक बैठक में CPEC के तहत हाई क्वालिटी डेवलपमेंट और पहले से चल रही परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर सहमति जताई थी।