अमेरिका में 5 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में 4 महीने से भी कम समय बचा है। उससे पहले डेमोक्रेटिक पार्टी ​की तरफ से दूसरे कार्यकाल के लिए मैदान में उतरे 81 साल के राष्ट्रपति जो बाइडेन और पार्टी की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 27 जून को पहली प्रेसीडेंशियल डिबेट में राष्ट्रपति बाइडेन के कमजोर प्रदर्शन ने पूरी पार्टी की मुसीबतें बढ़ा दी है। इस डिबेट के बाद बाइडेन की लोकप्रियता कम हुई है। इसके बावजूद राष्ट्रपति बाइडेन अड़े हुए हैं कि वे रेस में बने रहेंगे। इसी बीच, डेमोक्रेटिक पार्टी की चिंता बढ़ गई है क्योंकि पार्टी को डोनेशन देने वाले कई लोगों ने खुलकर कहा है कि या तो बाइडेन राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की जिद छोड़ दें नहीं तो वे पार्टी को चुनावी चंदा देना बंद कर देंगे। उन्हें उम्मीद नहीं है कि बाइडेन चुनाव जीत पाएंगे। चंदा देने वाली बड़ी कंपनियों के मालिक ने हाथ खींचे, कहा- कमला प्रत्याशी बनें 1770 करोड़ रुपए के चंदे के इस्तेमाल कर सकती हैं कमला हैरिस
राष्ट्रपति बाइडेन रेस से हट जाते हैं और उनकी जगह उपराष्ट्रपति कमला हैरिस आती हैं, तो उन्हें डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए इकट्ठा हुए 1770 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। वरिष्ठ राजनीतिक कानून सलाहकार केनेथ ग्रॉस के मुताबिक उनका अभियान खाता दोनों उम्मीदवारों के नाम पर पंजीकृत था। अगर बाइडेन राष्ट्रपति चुनाव से हट जाते हैं तो कमला हैरिस उस चंदे को अपनी उम्मीदवारी के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं।

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