नाइजीरिया के पूर्वोत्तर इलाके में शनिवार को तीन आत्मघाती हमले हुए, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और 48 गंभीर रूप से घायल है। पहला धमाका शनिवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 3 बजे एक शादी समारोह में हुआ। इसके बाद दूसरा धमाका जनरल हॉस्पिटल ग्वोजा में हुआ और तीसरा धमाका एक अंतिम संस्कार के दौरान हुआ। देश की सिक्योरिटी फोर्स और इमरजेंसी सर्विस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हमला किसने करवाया इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। फिलहाल मामले की जांच कर रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… तमिलनाडु में 10 जगहों पर NIA की रेड, हिज्ब-उत-तहरीर केस में जांच एजेंसी ने कार्रवाई की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हिज्ब-उत-तहरीर केस के सिलसिले में तमिलनाडु में 10 जगहों पर रविवार (30 जून) की सुबह रेड की है। इसमें इरोड जिले के दो जगह शामिल है। सूत्रों ने बताया कि रेड अभी भी जारी है। मामले को लेकर और जानकारी आना बाकी है। इससे पहले NIA ने 2021 में तमिलनाडु में कई जगहों पर तलाशी के बाद एक व्यक्ति को मदुरै के हिज्ब-उत-तहरीर केस में गिरफ्तार किया था। इसे मामले में तमिलनाडु के मदुरै शहर के थिडीर नगर पुलिस स्टेशन में IPC की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 13(1)(बी) के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी मोहम्मद इकबाल ने कथित तौर पर एक विशेष समुदाय को बदनाम करने वाले पोस्ट अपलोड करने के लिए अपने फेसबुक अकाउंट ‘थोंगा विजिगल रेंडु इज इन काजिमार स्ट्रीट’ का इस्तेमाल किया था। इस पोस्ट में एक विशेष समुदाय को बदनाम किया गया और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के लिए विभिन्न धर्मों के बीच सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा दिया गया। फेसबुक-इंस्टाग्राम से 2.1 करोड़ आपत्तिजनक कंटेंट हटाए गए, 22 हजार से ज्यादा शिकायतें मिली थीं मेटा कंपनी ने मई में भारत में फेसबुक से 1.56 करोड़ और इंस्टाग्राम से 58 लाख से ज्यादा आपत्तिजनक कंटेंट हटाए हैं। मेटा ने बताया कि इसको लेकर 22,251 शिकायतें मिली थीं। मणिपुर के हिंसा प्रभावित इलाकों के छात्रों को असम की प्राइवेट यूनिवर्सिटी स्कॉलरशिप देगी असम की प्राइवेट यूनिवर्सिटी मणिपुर हिंसा से प्रभावित हुए इलाकों के छात्रों को स्कॉलरशिप देगी। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने पर एडमिशन फीस में छात्रों को रियायत मिलेगी। गुवाहाटी स्थित रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने ‘होप फॉर मणिपुर’ स्कॉलरशिप प्रोग्राम शुरू किया है। ये पहल विश्वविद्यालय के व्यापक अभियान, ‘पूर्वोत्तर इंतजार नहीं कर सकता। पढ़ो! कुछ बनो’ का हिस्सा है।