वेब सीरीज मिर्जापुर का तीसरा सीजन 5 जुलाई को अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम किया जाएगा। लंबे वक्त से फैंस तीसरे सीजन का इंतजार कर रहे हैं। इस सीरीज का डायरेक्शन गुरमीत सिंह ने किया है। सीरीज में सब के फेवरेट कालीन भइया का किरदार पंकज त्रिपाठी ने निभाया है। वहीं, गुड्डू के रोल में अली फजल दिखे हैं। डायरेक्टर गुरमीत, पंकज त्रिपाठी और अली फजल ने सीरीज की रिलीज से पहले दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत की है। पढ़िए बातचीत के प्रमुख अंश… सवाल- पंकज जी, फैंस जिस तरह से तीसरे सीजन में आपके किरदार को लेकर एक्साइटेड हैं, उस पर क्या कहेंगे।
जवाब- जब कहानी और किरदार पॉपुलर हो जाते हैं, तब दर्शकों के बीच एक्साइटमेंट देखने को मिलती है। लोग आगे की कहानी जानने के बारे में उत्सुक हो जाते हैं। जब 5 जुलाई को मिर्जापुर सीजन 3 रिलीज हो जाएगी, तब दर्शक उसके आगे की कहानी जानने के लिए उत्सुक हो जाएंगे। यही तो वेब शोज की खासियत है कि हर बार लोग आगे का जानना चाहते हैं। सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर इस सीरीज को दर्शकों का प्यार मिला है। विदेशों में इस शो को लोग चांव से देखते हैं। कहानी लोकल पृष्ठभूमि की है, लेकिन मामला अब ग्लोबल का हो गया है। सवाल- अली फजल जी, यूथ के बीच गुड्डू भइया के किरदार की अलग फैन फॉलोइंग है। इसे आप कैसे देखते हैं?
जवाब- गुड्डू भइया का किरदार बहुत ही दिलचस्प है। पहले सीजन से लेकर अब तक इस किरदार में बहुत बदलाव आया है। मैं खुद से इस कैरेक्टर में अलग-अलग रंग देने की कोशिश करता हूं। युवाओं में समाज में फैली समस्याओं को लेकर बहुत गुस्सा है, वो गुड्डू के किरदार से रिलेट कर पाते हैं, यही वजह है कि फैंस इसे बहुत पसंद करते हैं। सवाल- गुरमीत जी, लोकल पृष्ठभूमि की कहानी होने के बाद मिर्जापुर ने OTT को एक नई परिभाषा दी है। क्या शुरुआत में आपको ऐसी सफलता का आभास था?
जवाब- इसका तो किसी को भी अंदाजा नहीं था कि ये सीरीज इतनी हिट हो जाएगी। पुनीत कृष्णा ने इस सीरीज की कहानी लिखी है। वे उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने ऐसी जिंदगी कहीं ना कहीं जी है। इसी वजह से सीरीज की कहानी में बहुत रियल टच देखने को मिला है। शुरुआत में तो नहीं पता था कि भारत के कोने-कोने में रहने वाले लोग इस सीरीज को देख पाएंगे। हमारी किस्मत अच्छी रही कि OTT के माध्यम से इस सीरीज का रीच बढ़ा। हमें उम्मीद थी कि नॉर्थ की ऑडियंस इसे बहुत पसंद करेगी। लेकिन यह नहीं पता था कि ग्लोबल लेवल पर इसे पसंद किया जाएगा। लोग मिर्जापुर से इसलिए भी कनेक्ट कर पा रहे हैं क्योंकि इसकी कहानी में वो सारे एलिमेंट्स हैं, जो आमतौर पर एक फैमिली में देखने को मिलता है। सवाल- पंकज और अली जी, आप दोनों अपने-अपने किरदार में ढलने के लिए क्या खास तैयारियां करते हैं?
जवाब- पंकज त्रिपाठी कहते हैं- मैंने यूपी-बिहार में कालीन भइया के जैसे कई बाहुबलियों को देखा है। लेकिन मैंने कालीन भइया के किरदार को ज्यादा काल्पनिक बनाया है। मैंने कोशिश की है कि कालीन भइया का किरदार रियल लाइफ गैंगस्टर से बहुत अलग दिखे। जैसे कि, जो लोग कालीन भइया का बैकग्राउंड नहीं जानते हैं, वो उन्हें बहुत सज्जन आदमी मान लेंगे। वजह ये है कि वो अनजान शख्स से बहुत सलीके से बात करते हैं। वहीं, अली फजल कहते हैं- मैं बचपन की लड़ाइयों में बहुत पिटा हूं। ये नहीं देखता था कि सामने कितने लोग हैं। बस लड़ने चला जाता था और पिट कर वापस आ जाता था। यहीं से सिर्फ किरदार के लिए प्रेरणा ली थी, वायलेंस के लिए नहीं। सवाल- गुरमीत जी, क्या तीसरे सीजन में मुन्ना की सरप्राइज एंट्री के लिए फैंस के मैसेज आते हैं?
जवाब- हां बिल्कुल आते हैं। मुन्ना का किरदार लोगों के बीच बहुत पॉपुलर है। मैं मुन्ना के किरदार पर बहुत ज्यादा अपडेट नहीं दूंगा। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि फैंस का ये प्यार देख कर खुशी है कि दूसरे सीजन में मुन्ना के मरने के बाद भी लोग उस किरदार को तीसरे सीजन में देखना चाहते हैं। एक डायरेक्टर के तौर पर ये मेरी लिए जीत ही है। सवाल- पंकज जी, कालीन भइया के किरदार को लेकर बहुत मीम्स बने हैं। क्या इन मीम्स को लेकर कभी मजेदार वाक्या हुआ है?
जवाब- मैं पिछले साल 10-12 दिन गांव में था। बहुत सारे लोग साथ में तस्वीर क्लिक कराने आते थे। एक दिन 2 लोग आए। मैंने सोचा कि इन दोनों ने मेरा कौन सा काम देखा होगा। मैंने उन लोगों से सवाल किया- आप मुझे कैसे जानते हैं, आपने मेरा कौन सा काम देखा है? जवाब में दोनों ने कहा- हमने बहुत सी वीडियो देखी है, जिसमें आप बीच में ‘शब्बाश बेटा’ बोलते हुए दिखाई देते हैं। इस दिन के बाद से मीम्स मेकर्स की तरफ मेरी रिस्पेक्ट बहुत बढ़ गई है। सबसे ज्यादा मीम्स बनाने का रॉ मटेरियल मैं ही हूं। सवाल- अली जी, फैन्स और मीम्स को लेकर आपका अनुभव कैसा रहा है?
जवाब- गुड्डू भइया मीम्स की दुनिया में काफी पॉपुलर हैं। मैं खुद भी अक्सर कोई ना कोई मीम्स देखता रहता हूं। हाल ही में 3 इडियट्स और मिर्जापुर को जोड़ते हुए बनाया गया एक बहुत ही अनोखा मीम देखा था। एक किस्सा यह भी है कि एक फैन अक्सर इंस्टाग्राम पर गालियां लिखकर भेजता था। एक दिन मैंने उससे पूछ ही लिया कि भाई क्या समस्या है तो उसने लिखा- बस भइया आपसे रिप्लाई चाहिए था। सवाल – पंकज और अली, इस सीरीज में काम करने का एक अच्छा और एक बुरा एक्सपीरियंस क्या रहा?
जवाब- पंकज और अली दोनों कहते हैं- सबसे बेस्ट बात ये है कि सभी को-एक्टर्स बहुत अच्छे हैं। सेट पर हमेशा अच्छा माहौल रहता है। सबके साथ रियल बॉन्डिंग है, इसलिए रोज काम पर जाने का मन करता है। कितनी भी लंबी शूटिंग हो, काम करके मन नहीं भरता है। वहीं, खराब एक्सपीरियंस ये है कि हर बार गर्मी के महीनों में यूपी जाकर सीरीज की शूटिंग करनी पड़ती है। गर्मी इतनी ज्यादा रहती थी कि पंखा तक असर नहीं करता था। सवाल- पंकज जी, कालीन भइया और आप में क्या चीज कॉमन है? कालीन भइया का कौन सा नेचर आपको पसंद नहीं आता है।
जवाब- मैं और कालीन भइया, दोनों मृदुभाषी हैं। वहीं, मुझे अपने किरदार का दोगला व्यवहार पसंद नहीं है। सवाल- अली जी, गुड्डू और आप में क्या चीज कॉमन है? गुड्डू का कौन सा नेचर आपको पसंद नहीं आता है।
जवाब- अब तो मुझमें और गुड्डू के किरदार में कुछ कॉमन नहीं है। पहले मैं भी गुड्डू के जैसे बहुत गुस्सा करता था। लेकिन अब नहीं। वहीं, इस किरदार का मुझे इंपल्सिव नेचर पसंद नहीं है।