एक्टर और कॉमेडियन सुनील ग्रोवर हाल ही में फिल्म ‘ब्लैक आउट’ में नजर आए। इस फिल्म में उनका किरदार ग्रे शेड लिए हुए हैं। अपनी कॉमिक इमेज से हटकर इसमें उन्होंने अपना एक नया रूप दिखाया है। इसी बीच दैनिक भास्कर से उन्होंने खास बातचीत की। सुनील ने कहा मुझे एक्टिंग के अलावा कुछ नहीं आता है। अभी मेरे करियर का बेस्ट पार्ट आना अभी बाकी है। इसके अलावा उन्होंने अपनी फिल्म ‘ब्लैक आउट’ के बारे में भी बात की। ‘ब्लैक आउट’ की स्क्रिप्ट आपको कैसे अप्रोच हुई थी? मुझे नीरज कोठारी जी का फोन आया था। उन्होंने बताया कि इस फिल्म के जो राइटर हैं अब्बास और हुसैन दलाल वो आपको कुछ सुनाना चाहते हैं। फिर बाद में जब मैं उनसे मिलने पहुंचा तो डायरेक्टर देवांग भी वहां थे जिन्होंने अब्बास और हुसैन के साथ ये कहानी लिखी है। मैंने कहानी सुनी तो मुझे मजा आ गया। मुझे लगा ये फिल्म तो करनी चाहिए और फिर मैंने इसके लिए हामी भर दी। इस पूरी फिल्म में ही काफी सारे सस्पेंस हैं। मेरे किरदार के साथ भी कुछ सस्पेंस जुड़े हुए हैं। जिन्होंने ये फिल्म अभी तक नहीं देखी है मैं चाहता हूं कि वह देखें। मैंने भी जब स्क्रिप्ट पढ़ने के दौरान वो सारे सस्पेंस पढ़े तो बड़ा अच्छा लगा। मुझे काफी फीडबैक भी मिले कि लोग मेरे किरदार को काफी पसंद कर रहे हैं। सुना है आपको कोई शारीरिक समस्या भी थी जब इसकी शूटिंग के लिए आए थे? मुझे इसकी शूटिंग शुरू करने से पहले कुछ हेल्थ इश्यूज थे पर वह सही हो गए तब ही शूटिंग शुरू की थी। हां इसमें मैंने कुछ एक्शन सीन भी किए हैं पर उन्हें करने में भी खासी परेशानी नहीं हुई। बाकी निर्देशक देवांग भावसार के साथ काम करने के अनुभव काफी अच्छा रहा। इस किरदार को करने में मुझे बहुत मजा आया। इससे जुड़े लोग भी काफी अच्छे हैं। आगे आपके पास क्या प्रोजेक्टस हैं? एक वेब सीरीज भी है अगले महीने से उस पर भी काम शुरू होने वाला है। साथ ही एक फिल्म है जिसकी शूटिंग मैं जुलाई में शुरू करूंगा। फिलहाल नाम रिवील नहीं कर पाऊंगा। कपिल शर्मा के शो से ब्रेक के दौरान कभी लगा नहीं कि ‘चला लंलन हीरो बनने…’ को फिर शुरू करें? मेरा मानना है कि हर चीज की एक उम्र होती है। एक दौर था जब मैं ‘चला लल्लन हीरो बनने’ शो कर रहा था। उस समय लोग उस शो को काफी पसंद भी करते थे। मैंने उसमें भी कई तरह के अवतार लिए थे। मैंने खुद भी वह शो काफी एंजॉय किया। ऑलमोस्ट मैंने दो साल तक वह शो किया था। उसके बाद मैंने एक अलग जर्नी शुरू की, अलग किरदार किए। अगर वही करता रहता तो उससे बाहर कैसे निकलता। हालांकि उस शो को करने में बहुत मजा आया था। अलग-अलग किरदार करने में काफी मजा तो आता है। 2013 के बाद से आप लगातार हर साल सिर्फ एक ही प्रोजेक्ट में दिखे। कोई खास वजह? 5-6 साल तो मैं कपिल शर्मा के शो में ही व्यस्त रहा। ऐसे में दूसरे प्रोजेक्ट्स करने का टाइम भी नहीं रहा। उसी में बीच-बीच में कुछ समय मिलता रहा तो फिल्में भी कर लेता था। फिर जब कोई प्रोजेक्ट मिलता है, उसे पढ़कर लगता है कि इसे करने में मजा आएगा तो फिर उसी के लिए समय निकालता हूं। बाकी प्रोजेक्ट क्या और कैसे आ रहे हैं उस पर भी निर्भर करता है। अगर एक साल में 5 अच्छे प्रोजेक्ट मिले तो सभी कर लूंगा। आप इतने लंबे समय से इंडस्ट्री में क्या लगता है सही ड्यू मिला है आपको फिल्मों में? मुझे लगता है कि मेरी उम्मीद से अधिक ड्यू मुझे मिला है। मेरा मानना है कि हर चीज की एक जर्नी होती है। अगर शुरुआत थोड़ा स्लो फेज भी रहा है तो। टाइम भी लगा कुछ हासिल करने में। मैंने तो उस समय को भी एंजॉय किया जब काम नहीं था या कम था। मुझे अंदर से लगता था कि ये टाइम दोबारा नहीं मिलेगा तो मजा कर लो। फिर जब बिजी हो गया तो उस फेज का भी खूब आनंद लिया। अब मैं अपनी पसंद से काम करता हूं जो मुझे अच्छा लगता है। मैं खुद को बहुत लकी भी मानता हूं कि अच्छे लोगों के साथ काम करने का मौका मिला। आगे मेरी तमन्ना है कि अलग-अलग तरह के किरदार करूं, अलग-अलग तरी कैसे करूं। क्या लगता है कि वेब सीरीज में आपको ज्यादा तवज्जो मिल रही है? वेब सीरीज में अच्छा स्क्रीन स्पेस तो मिला है। ऐसा भी नहीं है कि मुझे वेब स्पेस में कॉमिक इमेज से हटकर कुछ करना है। मैं अपनी कॉमिक इमेज से खुश हूं। वो तो मैं लकी हूं कि मुझे अलग-अलग तरह का काम करने का मौका मिल गया। उन डायरेक्टर्स का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुझे अलग तरह से यूज किया। मुझे खुशी है इस बात की। आपको पर्सनली कॉमिक एक्टर के टैग से कोई प्रॉब्लम तो नहीं? यहां बात सिर्फ जॉनर की नहीं है। एक अच्छी स्क्रिप्ट होनी चाहिए। कोई भी जॉनर हो मैं करना चाहूंगा। मान लीजिए एक कॉमेडी स्क्रिप्ट है जिसकी कहानी बेहतरीन और दूसरी तरफ एक दूसरे जॉनर की स्क्रिप्ट जो एवरेज है तो मैं कॉमेडी ही करूंगा। जिसकी स्क्रिप्ट अच्छी हो, किरदार अच्छा हो वह करूंगा। ऐसा क्या है इस फील्ड में जो अभी तक आपने एक्सप्लोर नहीं किया है? मैंने तो जितना करना था उससे ज्यादा ही एक्सप्लोर किया है। मुझे एक्टिंग के अलावा और कुछ आता ही नहीं है। मैं और किसी फील्ड में हाथ नहीं आजमाता। मुझे सिर्फ एक्टिंग में ही आनंद आता है। मैं राइटिंग या डायरेक्शन या और किसी काम को कर ही नहीं सकता। मेरा इन चीजों में कोई अनुभव भी नहीं है और रुचि भी नहीं है। करिअर में बेस्ट धीरे-धीरे आना बाकी है।