80 के दशक के टॉप स्टार्स में से एक मिथुन चक्रवर्ती कभी अपने लुक्स और रंग की वजह से खुश नहीं थे। ये बात एक्ट्रेस शबाना आजमी ने एक इंटरव्यू में बताई है। दरअसल मिथुन FTII में शबाना के जूनियर थे। जब मिथुन ने अपनी इनसिक्योरिटीज के बारे में शबाना की मां से जिक्र किया था तो उन्होंने एक बहुत अच्छी सलाह दी थी जिससे एक्टर का हौसला काफी बढ़ गया था। रंग गोरा न होने की वजह से परेशान रहते थे अरबाज खान के चैट शो ‘द इन्विंसिबल सीरीज’ में पहुंचीं शबाना ने कहा, ‘मिथुन चक्रवर्ती फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में मेरे जूनियर थे। मुझे याद है कि वो हमारे घर आया करते थे। वो इस बात से बेहद परेशान रहते थे कि वह गोरे नहीं हैं और उनके दांत टेढ़े-मेढ़े थे। एक दिन जब वो घर आए आर उन्होंने ये बात कही तो मेरी मां (शौकत कैफी) ने उन्हें गले लगा लिया और कहा, ये सब बातें सोचकर परेशान मत हो, तुम बहुत अच्छा डांस करते हो।’ मिथुन ने खूबियों पर काम किया और बन गई बात मिथुन ने भी एक पुराने इंटरव्यू में अपनी इनसिक्योरिटीज के बारे में बात की थी और कहा था, ‘मुझे अपने कॉम्प्लेक्शन (रंग) को लेकर कॉम्प्लेक्स था। मैं सोचता था कि अपनी स्किन टोन तो नहीं बदल सकता लेकिन फिल्मों में विलेन तो बन सकता हूं। मैं फिल्म इंस्टिट्यूट गया और ट्रेनिंग लेकर वापस आया। मैं अच्छा डांस करता था, अच्छे फाइट सीक्वेंस भी करता था। मैं चाहता था कि कुछ ऐसा करूं जिससे लोगों का ध्यान मेरे रंग पर न जाए। मैंने वही किया और फिर मैंने अपनी डांसिंग स्टाइल क्रिएट की।’ 350 से ज्यादा फिल्में कर चुके हैं मिथुन 16 जून, 1950 को कोलकाता में जन्मे मिथुन का असली नाम गौरांग चक्रवर्ती है। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट से एक्टिंग कोर्स किया था। 350 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके मिथुन को पहली ही फिल्म ‘मृगया’ (1976) के लिए नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया था। वर्कफ्रंट पर मिथुन आखिरी बार बंगाली फिल्म ‘काबुलीवाला’ में दिखाई दिए थे। यह दिसंबर 2023 में थिएटर्स में रिलीज हुई थी और यह 50 दिन से ज्यादा वक्त तक थिएटर्स में लगी रही। वहीं मिथुन की आखिरी हिंदी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ थी।