NEET UG एग्जाम की काउंसलिंग 6 जुलाई से शुरू हो जाएगी। इस एग्जाम के जरिए देश में मेडिकल कॉलेजों में MBBS कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन के मुताबिक कुल 386 सरकारी और 320 प्राइवेट कॉलेजेस को मिलाकर देश में MBBS की कुल 1,06,333 सीटें हैं। 600+ स्कोर पर 19 से 23,000 के बीच हो सकती है रैंक
इस साल करीब 4 लाख ज्यादा कैंडिडेट्स ने एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन किया था। NEET IIT एकेडमी के डायरेक्टर शुभम राय के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले पेपर का डिफिकल्टी लेवल इस रेश्यो में नहीं बढ़ाया गया। वहीं, आंसर की में बदलाव होने की वजह से भी 600+ स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ गई। कोचिंग इंस्टीट्यूट्स के रैंक प्रेडिक्टर्स के मुताबिक, इस बार 600+ स्कोर पर कैंडिडेट्स की रैंक 19,151 से 23,721 के बीच हो सकती है। विदेश में MBBS की पढ़ाई 25% सस्ती
ऐसे में विदेश में MBBS की पढ़ाई के बारे में सोच सकते हैं। विदेश से MBBS करना देश के प्राइवेट कॉलेजों में पढ़ाई करने के मुकाबले सस्ता भी है। देश में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में साढ़े पांच साल के MBBS कोर्स में लगभग 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक फीस लग सकती है। इसका मतलब कि विदेश में MBBS की पढ़ाई देश के प्राइवेट कॉलेजों की तुलना में कम से कम 25% सस्ती है। इस बार टॉप कॉलेज में जानेंगे विदेश में MBBS करने के लिए सबसे किफायती देश और उनकी मेडिकल यूनिवर्सिटीज के बारे में.. अब इन देशों की मेडिकल यूनिवर्सिटीज और एडमिशन के लिए जरूरी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पर एक नजर.. यूनिवर्सिटीज की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर एडमिशन के लिए अप्लाई करें। एडमिशन साइकिल कब से शुरू होगी, ये जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर ही मिलेगी। अप्लाई करने से पहले नीचे दिए गए डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें। एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस :