डायरेक्टर नीरज पांडे की फिल्म ‘औरों में कहां दम था’ में अजय देवगन के यंग किरदार को शांतनु माहेश्वरी और तब्बू के किरदार को सई मांजरेकर ने निभाया है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान शांतनु माहेश्वरी और सई मांजरेकर ने फिल्म में अपने किरदार की तैयारी को लेकर बात की। सई मांजरेकर ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान जब वो अजय देवगन से मिली तो काफी डरी हुई थीं। वहीं, शांतनु माहेश्वरी ने बताया कि उन्हें डर था कि कहीं अजय देवगन उनके साथ प्रैंक ना कर दें। सई, आपको क्या एक्साइटेड लगा, जब इस फिल्म के बारे में आपको बताया गया? मुझे पहली बार इस फिल्म के ऑडिशन के लिए फोन आया। उस समय यह नहीं बताया गया था कि फिल्म में कौन है? सिर्फ यह बताया गया था कि फिल्म को नीरज सर डायरेक्ट करने वाले हैं। नीरज सर का नाम सुनते ही मैंने तुरंत हां कर दी, क्योंकि मुझे नीरज सर के साथ फिल्म करनी थी। जब ऑडिशन के लिए गई तो शांतनु माहेश्वरी से वहां मुलाकात हुई। उनके साथ पहला ऑडिशन दिया था। मैं पहले किसी से मिलती हूं तो शरमा जाती हूं, लेकिन शांतनु ने बहुत कंफर्टेबल कराया। उसके बाद तो इस फिल्म को लेकर काफी एक्साइटेड थी कि शूट कब शुरू होगा। आपके लिए नीरज पांडे का नाम ही काफी था या फिर स्टोरी में भी कुछ चीजें इंटरेस्टिंग लगी थी? मुझे स्टोरी बहुत अच्छी लगी थी। बहुत ही खूबसूरत लव स्टोरी है। बचपन से ही जब से मुझे एक्टर बनना था। तभी से मुझे लव स्टोरी करनी थी। मुझे पता था कि नीरज सर हमेशा अच्छी फिल्में बनाते हैं। वो हमेशा से मेरे बकेट लिस्ट में रहे हैं। शांतनु, आपको क्या चीज एक्साइटेड लगा? मैं हमेशा से ही सोचता था कि इस तरह की फिल्म का हिस्सा बनना है। जैसा कि सई ने कहा कि नीरज सर कुछ अलग बनाते हैं। उनके साथ काम करने की इच्छा रही है। स्टोरी मुझे बहुत भी इंटरेस्टिंग लगी थी। हर फिल्म की स्टोरी ही हीरो होता है। चाहे आप कोई भी फिल्म देख लें। इस फिल्म में काम करने की दो सबसे बड़ी वजह रही है, फिल्म की स्टोरी और नीरज पांडे सर। बड़ी फिल्मों का हिस्सा रहने के बाद भी आप लुक टेस्ट और ऑडिशन से परहेज नहीं करते हैं? मैं अभी तो इंडस्ट्री में नया हूं। मैं समझता हूं कि काम का यह हिस्सा है। सही कहा आपने कि मुझे लुक टेस्ट और ऑडिशन देने से कभी परहेज नहीं रहा है। कभी ऑडिशन आपके फेवर में होता है, कभी नहीं होता है। मैं समझता हूं कि यही प्रोसेस है। सई, लुक टेस्ट और ऑडिशन के बारे में आप क्या कहना चाहेंगी? पहले मुझे ऑडिशन से घबराहट होती थी। लेकिन जब ऑडिशन देना शुरू किया। तब समझ में आया है कि यह चीज अच्छे काम करने में किस तरह से हेल्प करती है। ऑडिशन से प्रैक्टिस होती रहती है। ऑडिशन में नए-नए किरदार करने के मौके मिलते हैं, इससे एक्टिंग का ग्राफ बढ़ता है। शांतनु, फिल्म के कैरेक्टर को लेकर आपकी किस तरह की तैयारी रही? इस फिल्म के कैरेक्टर की तैयारी के लिए डेढ़ महीने तक हमने वर्कशॉप की। वहां पर हम लोगों को बहुत सारी चीजें समझाई गईं। वैसे भी मुझे अलग-अलग किरदार निभाना चैलेजिंग लगता है। दर्शकों को भी नहीं लगना चाहिए कि आपको एक दायरे में बांधकर रख दिया गया है। या फिर दर्शक आपके बारे में ये धारणा बना ले कि ये एक तरह का रोल कर सकता है। इसलिए बहुत जरूरी है कि अलग-अलग किरदार निभाते रहें। लोगों को भी लगे कि आपके अंदर वो पोटेंशियल है कि आप हर तरह के किरदार निभा सकते हैं। सई, आपकी किस तरह की तैयारी रही? जब हम वर्कशॉप कर रहे थे तो नीरज सर ने कहा था कि जो आप परफार्म कर रहे हो, उसे पहले खुद से जज करो। मैं समझती हूं कि वर्कशॉप कैरेक्टर को समझने में बहुत हेल्प करता है। वर्कशॉप के दौरान ही किरदार को समझने में बड़ी आसानी हो जाती है। नीरज पांडे स्पाई थ्रिलर और एक्शन ड्रामा फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, शांतनु आपने सोचा था कि वो इस तरह की इंटेंस लव स्टोरी बनाएंगे? अगर आप उनकी फिल्में देखे तो उनकी ‘एम एस धोनी’ में भी एक लव स्टोरी थी। फिल्म ‘स्पेशल 26’ के गीत ‘कौन मेरा,मेरा क्या तू लागे’ में एक अलग ही रोमांस दिखता है। रोमांस को अप्रोच करने का उनका एक अलग तरीका है। हम किसी को एक दायरे में नहीं बांध सकते हैं। वैसे मैं किसी को जज करने के लिए अभी बहुत छोटा हूं। सई, आप फिल्म में तब्बू का यंग वर्जन प्ले रही हैं, कितना रिस्पॉन्सबिलिटी महसूस कर रही हैं? पहले बहुत डर था कि इस रिस्पॉन्सबिलिटी को कैसे निभा पाएंगे? जब हम वर्कशॉप कर रहे थे तब भी यही सोच रहे थे कि इसे कैसे जस्टिफाई कर पाएंगे। लोग पता नहीं क्या सोचेंगे। यह डर लगा रहता था। लेकिन जब मैं नीरज सर से किरदार के बारे में समझी, तो सभी चीजें सहज हो गई। जैसा उन्होंने समझाया, मैं करती गई। शांतनु, आप ने अजय देवगन का यंग वर्जन प्ले किया है, आप बताएं? मुझे किसी का तरह का प्रेसर नहीं रहा है। मुझे नीरज सर शुरू से ही गाइड करते रहे। जबकि मैंने उनसे पूछा भी था कि क्या मुझे कैरेक्टर को समझने के लिए अजय देवगन सर की फिल्में देखनी पड़ेगी। नीरज सर ने मना करते हुए कहा कि जरूरत नहीं है, अगर कुछ होगा तो बता देंगे। सई, सेट पर तब्बू और अजय देवगन से मुलाकात हुई आपकी? जी,अजय सर से सेट पर पहली बार ही मिली थी। फिल्म की कॉस्ट्यूम डिजाइनर फाल्गुनी मैडम के साथ जब अजय सर से मिलने जा रही थी तो बहुत डरी हुई थी। जब मैं पहली बार किसी से मिलती हूं तो बहुत शरमाती हूं। मेरे कदम आगे पीछे हो रहे थे। फाल्गुनी मैडम जबरदस्ती मुझे अजय सर के पास ले गईं। अजय सर बहुत ही स्वीट इंसान हैं। तब्बू मैडम से फिल्म की शूटिंग से पहले नीरज सर के ऑफिस में मुलाकात हुई थी। उस समय पापा के बारे में बहुत बात हुई थी। शांतनु, आपके कैसे अनुभव रहे अजय देवगन से मुलाकात के? अजय सर से जब पहली बार सेट पर मिला तो उनकी प्रैंक वाली इमेज मेरे दिमाग में थी। अजय सर से मिलने से पहले बहुत डरा हुआ था कि कहीं मेरे साथ प्रैंक तो नहीं होने वाला है। लेकिन मिलकर बहुत अच्छा लगा, बहुत ही प्यारे और अच्छे इंसान हैं।