शबाना आजमी ने खुलासा किया है कि शुरुआत में वे जावेद अख्तर से दूरी बनाकर रखती थीं। उन्होंने सुना था कि जावेद साहब बहुत घमंडी हैं, ऐसे में वे उनसे दूर रहना चाहती थीं। जावेद अख्तर उनके घर भी आते थे, लेकिन इसके बावजूद शबाना उनसे बात नहीं करती थीं। कुछ समय बाद शबाना को मालूम चला कि जावेद साहब बिल्कुल उनके पिता कैफी आजमी के जैसे हैं। तब जाकर शबाना ने उनसे बातचीत करना शुरू किया। ये सारी बातें शबाना ने हाल ही में अरबाज खान के सेलिब्रिटी टॉक शो में की हैं। ‘मैंने सुना था- जावेद अख्तर बहुत घमंडी हैं’ शबाना आजमी ने खुलासा किया है कि शुरुआत में वे जावेद अख्तर से दूरी बनाकर रखती थीं। यहां तक की जावेद साहब घर आकर उनके पिता कैफी आजमी से मिलते भी थे। शबाना आजमी ने कहा- हम दोनों के पिता कम्युनिस्ट और गीतकार थे। हमारा बैकग्राउंड एक जैसा था। उस समय उन्होंने (जावेद अख्तर) ने लिखना शुरू किया था। वे मेरे अब्बा को अपनी रचनाएं सुनाने आते थे। लेकिन मैंने उनसे दूरी बनाकर रखती थी क्योंकि मैंने सुना था कि जावेद अख्तर बहुत घमंडी हैं और उनसे दूर रहना चाहिए। इस वजह से मैं उन पर ज्यादा ध्यान नहीं देती थी। शबाना आजमी ने आगे कहा- उन्होंने फिल्म स्पर्श (1980) देखने के बाद मेरी तारीफ की थी। उन्होंने फिल्म में काम करने वाले सभी लोगों को अपने घर पर इनवाइट भी किया था। उस दिन मुझे लगा कि उनमें संवेदनशीलता भी है। इसके बाद हमारी मुलाकात होने लगी। फिर मुझे लगा कि वे मेरे अब्बा से कितने मिलते-जुलते हैं। कुछ समय बाद मुझे यकीन हो गया कि वे मेरे लिए सही पार्टनर हैं और इस तरह हमारा रिश्ता शुरू हुआ। बता दें कि पहली पत्नी हनी ईरानी से तलाक लेने के बाद जावेद अख्तर ने 1984 में शबाना आजमी से शादी की थी।