सिंगापुर एयरलाइन्स की बोइंग 777-300ER फ्लाइट 21 मई को म्यांमार के आसमान में एयर टर्बुलेंस में फंस गई थी। इस दौरान अचानक लगे झटकों की वजह से 73 साल के एक ब्रिटिश पैसेंजर की मौत हो गई। इससे पहले खबर आई थी कि इस घटना में 30 लोग घायल हुए हैं। लेकिन अब जानकारी मिली है कि 100 से भी अधिक लोग चोटिल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयर्टस के हवाले से जानकारी मिली है कि दर्जनों लोगों के सिर, रीढ़ की हड्डी और अन्य जगहों पर चोट लगी है। बैंकॉक के अस्पताल में घायलों का चल रहा इलाज
घायलों का बैंकॉक के समीतीवेज श्रीनाकरेन हॉस्पीटल में इलाज चल रहा है। हॉस्पीटल के डायरेक्टर अदिनन कित्तिरतनपाइबूल ने बताया कि 6 लोगों के सिर में, 22 की रीढ़ में और 13 को हड्डियों सहित अन्य जगहों पर चोट पहुंची है। उन्होंने कहा कि इस घटना में 2 साल की उम्र से लेकर 83 साल की उम्र तक के लोग घायल हुए हैं। डॉक्टर अदिनन ने एजेंसी से बात करते हुए कहा, “मैं इससे पहले कभी भी इतने लोगों को एयर टर्बुलेंस की वजह से चोटिल होते हुए नहीं देखा।” सिंगापुर एयरलाइन्स की इस फ्लाइट ने लंदन से भारतीय समय के मुताबिक देर रात 2:45 बजे उड़ान भरी थी। टेकऑफ के 10 घंटे बाद फ्लाइट म्यांमार के एयरस्पेस में 37 हजार फीट पर खराब मौसम की वजह एयर टर्बुलेंस में फंस गई। इस दौरान कई झटके लगे। 3 मिनट में 6 हजार फीट नीचे आया विमान
विमान 3 मिनट के अंदर 37 हजार फीट की ऊंचाई से 31 हजार फीट की ऊंचाई पर आ गया। इस दौरान ऊंचाई कम करते वक्त यात्रियों को सीट बेल्ट पहनने की वॉर्निंग नहीं दी गई। इस वजह से कई यात्री अपनी सीट से ऊपर उछल गए। उनका सिर लगेज कंटेनर से टकरा गया जिससे कई लोगों को चोट लगी। एक पैसेंजर की मौत भी हो गई। इसके बाद फ्लाइट को भारतीय समयानुसार दोपहर 2:15 बजे बैंकॉक डायवर्ट किया गया। यहां के सुवर्नभूमि एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। फ्लाइट दोपहर 3:40 बजे सिंगापुर लैंड होने वाली थी। फ्लाइट में 3 भारतीय समेत 211 यात्री और 18 क्रू मेंबर थे
फ्लाइट में 211 यात्री और 18 क्रू सदस्य सवार थे। फ्लाइट शाम 6 बजकर 10 मिनट पर सिंगापुर के चांगी एयरपोर्ट उतरने वाली थी। प्लेन की लैंडिंग के तुरंत बाद एम्बुलेंस की कई गाड़ियां एयरपोर्ट पहुंची। घायलों को पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिंगापुर एयरलाइन्स ने मारे गए यात्री के परिजनों के प्रति शोक जताया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारी बैंकॉक से लगातार संपर्क में है। सभी यात्रियों को जरूरी मदद पहुंचाई गई है। ऑस्ट्रेलिया के सबसे ज्यादा 56 नागरिक थे
ऑस्ट्रेलिया के 56, यूके के 47, सिंगापुर के 41, न्यूजीलैंड के 23, मलयेशिया के 16, फिलीपींस के 5, अमेरिका और आयरलैंड के 4-4, भारत के 3, इंडोनेशिया के 2, कनाडा के 2, म्यांमार के 2, स्पेन के 2 और जर्मनी, आइलैंड, इजरायल, साउथ कोरिया के एक-एक नागरिक विमान में सवार थे। क्या होता है टर्बुलेंस?
विमान में टर्बुलेंस या हलचल का मतलब होता है- हवा के उस बहाव में बाधा पहुंचना, जो विमान को उड़ने में मदद करती है। ऐसा होने पर विमान हिलने लगता है और अनियमित वर्टिकल मोशन में चला जाता है यानी अपने नियमित रास्ते से हट जाता है। इसी को टर्बुलेंस कहते हैं। कई बार टर्बुलेंस से अचानक ही विमान ऊंचाई से कुछ फीट नीचे आने लगता है। यही वजह है कि टर्बुलेंस की वजह से विमान में सवार यात्रियों को ऐसा लगता है, जैसे विमान गिरने वाला है। टर्बुलेंस में प्लेन का उड़ना कुछ हद तक वैसा ही है, जैसे-उबाड़-खाबड़ सड़क पर कार चलाना। कुछ टर्बुलेंस हल्के होते हैं, जबकि कुछ गंभीर होते हैं। किसी भी प्लेन को स्थिर तौर पर उड़ने के लिए जरूरी है कि इसके विंग के ऊपर और नीचे से बहने वाली हवा नियमित हो। कई बार मौसम या अन्य कारणों से हवा के बहाव में अनियमितता आ जाती है, इससे एयर पॉकेट्स बन जाते हैं और इसी वजह से टर्बुलेंस होता है। टर्बुलेंस तीव्रता के लिहाज से तीन तरह के होते हैं

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